Showing posts with label Humor. Show all posts
Showing posts with label Humor. Show all posts

Friday, November 28, 2014

लल्लन की बरात


मेरी मित्रता लल्लन से उस समय हुई जब लल्लन हमारी कंपनी में सहायक मेनेजर के तौर पे ज्वाइन कियासामान्य कद,गोरा रंगपटना का रहने वाला लल्लन काफी खुश मिजाज़ और स्टाइलिश था |चलते समय तो वो अपने सर के उपरी हिस्से को दायें तरफ ९ डिग्री झुका लेता था कहता था जबसे अजय देवगन की जिगर देखी हैं ऐसे ही चलता हूँ ,स्वाभाव से काफी मिलनसार और रसिया किस्म के थे लल्लन जी ,हर आती जाती हुईं लड़की को केबिन के सामने से बिना बात किये हुए जाने नहीं देते थें ,कुछ लडकियों ने तो दूसरी साइड से निकलना भी शुरू कर दिया था,
 उम्र का काटा २७ सावन पार कर चूका था,घर वाले भी लड़कियों की फोटो लेके हाथ धो के पीछे पढ़ गये थे,रोजाना कहीं बड़े पापा से तो कहीं मामा से,फूफा से रिश्तें आना शुरू हो गये थे हमारें देश में शादी कराने में इन नातेदारों का काफी रोल रहता हैं,अख़बारों में विज्ञापन भी छपवा दिया गया था ,६ अकों में सैलरी को बोल्ड लेटर्स में अंकित किया गया था,लड़की ग्रेजुएट चाहिए थी ,मेरी लल्लन से  दहेज़ के विषय पे बहस हुआ करती थे लल्लन कहता था मुझे शादी में कम से कम तो चार चक्का,१० लाख नकद और कलेवा में फास्टट्रैक की तीन वाच अवश्य मिलेंगी ,तो में बड़ा आश्चर्य चकित रहता था की कहाँ बोल लग रही हैं में भी सम्मिलित हो जाता हूँ दो लाख शक्ल के कम दे देना “.में तो कहता था की लड़कियों के बाप स्मार्ट हो गये हैं डी.अल.फ. से इंटरेस्ट फ्री लोन लेके दहेज़ दे रहें हैं फिर लड़के को इंटरेस्ट के साथ विवाह के बाद लोन चुकाना पढ़ जाता हैं और शादी में सारा इंटरेस्ट ख़त्म होने लगता हैं ,यह कहकर में भी अलंकारों से खेल लेता था |
 खेर लल्लन ने लडकिया देखनी चालू की,अरेंज विवाह में यह पहला और अति आवश्यक पड़ाव हैं,क्यूंकि फोटो देख के आप भ्रमित हो सकतें हैं ,एडोबी फोटोशोप ने इस फील्ड में धूम मचा रखीं हैं ,सोफें पर बेठते हे लल्लन के बाबु जी यू. पी.अस.सी. के अध्यक्ष बन गयें ,लगे पूछने विस्तार में आपकें शौक क्या हैं,आप पेन्टिंग बना लेती हैं ,नृत्य कर लेती हैं लडकी भी बाज़ार से खरीदी हुई पेन्टिंगहेंडीक्राफ्ट अपने बनाई हुए बतानें लगी|लल्लन के बारें में बता दूं जबसे लडकी ने कमरें में प्रवेश किया था लल्लन खिड़की से बहार झांक रहें थे ,बाप के सामने लल्लन पूरा नहीं देख पा रहें थे |
 लल्लन के पिता जी को लड़की पसंद आ गयी तो उन्होंने अपना राकेट छोड़ा और पूछा आपका संकल्प क्यां हैं “|संकल्प दहेज़ के डिमांड का कोड वर्ड हैं ,बेचारे लल्लन के होने वाले ससुर जी सकुचा  गयें|खेर मामला कितने पे तय हुआ ये तो नहीं पता पर चार चक्का अवश्य मिल गया और शादी की तारीख भी तय हो गयी |
 शादी तय होने के बाद लल्लन ने लता को रिलायंस का मोबाइल दे दिया ,लल्लन मुझसे कहता रहता था के रिलायंस का आशीर्वाद लेना लडकी के मामले में बहुत ज़रूरी हैं बिना रिलायंस के कोई शादी सफल नहीं हुई हैं|अब क्या था लल्लन रात भर चमगादड़ बनें घुमा करती थे लता से रात १२ से ३ उनका फिक्स रहता था |अंगूठी बदलने के बाद दोनों में काफी प्रेम बढ़ गया था|लल्लन खूब बड़े बड़े वादें किया करतें थे,३६ चाँद और ८२ तारें तोड़ चुकें थे हमारे लल्लन जी ,में समझाया करता था जिन चीजों के ठेले मोहल्ले में आतें हो उनकें वादें किया करो वरना बाद में बड़ा तकलीफ होती हैं|
 लल्लन जी को मैंने शादी के लिए कुछ हिदायतें भी दी जैसे
१-  मार्किट रीसर्च कर लो की जूता चुराई क्या रेट चल रहा हैं”|
२-  अपने मामा से सावधान रहना क्यूँकी ,शादी में व्यवधान वही डालता हैं,हर शादी में लडकें के मामा को ही कलेवा के टाइम जलेबी ठंडी मिलती हैं.
३-  गाने सोच समझ के बजवाना क्यूंकि हमारी बुआ के यहाँ विदाई के टाइम मेरी जान चली दुश्मन के घर ,रब खेर करे रब खेर करें बजने से काफी बवाल हो गया था|
४-  बारात के टाइम नागिन वाला गाना तैयार रखना झांसी वाले तुम्ह्रारे मौसा उसी पे  नाचतें हैं|पिछली बार न होने की वजह से काफी नाराज हो गयें थें|
५-  बाकी लता का पूरा ध्यान रखना,डी जें पे उसी के साथ नाचना |
मेरी शादी तो न हुई थी पर कई बारात में नाचने की वजह से अनुभव आ गया था.
खेर कुछ कारणों की वजह से में लल्लन की बारात में तो न जा सका,पर सुना हैं खूब नाच गाना हुआ खेर मैंने अपने मित्र के द्वारा १००० रुपया का व्यव्हार भिजवा दिया.
भगवान् लल्लन और लता को सुखी रखें और जल्द ही दोनों बोहनी करे.